देसंविवि, विद्यापीठ व शांतिकुंज में राष्ट्रीयता से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

गांव और शहर के बीच का खाई पाटने का काम करेगा देसंविवि : कुलाधिपति

बदलते परिवेश में 65वां गणतंत्र दिवस समारोह देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री परिवार का अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज व गायत्री विद्यापीठ में उत्साहपूर्ण परिवेश में मनायागया। सर्वप्रथम देसंविवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या एवं संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने ध्वाजारोहण किया। पश्चात समस्त कार्यकर्त्ता, छात्र-छात्राओं, अध्यापकगण एवं भारत केकोने-कोने से आये लोगों ने तिरंगा को सलामी दी। युवाओं को जागरूक करने वाली राष्ट्रीयता से ओतप्रोत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुती शांतिकुंज प्रांगण में प्रस्तुत की गई।गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा वीरता प्रदर्शन एवं शांतिकुंज संगीत विभाग की विशेष प्रस्तुती ने सबका मन को मोह लिया।

देसंविवि के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारागणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में समा बांध दिया। इस अवसर पर देसंविवि के कुलाधिपति डॉ पण्ड्या नेविद्यार्थियों में उत्साह-मंग भरते हुए कहा कि देसंविवि युवाओं की ऐसी फौज तैयार करने में लगा है जो भारत को वास्तविक गणतंत्र एवं जगद्गुरु बनाने में सहायक सिद्ध होगा। भारत कीप्राचीनतम संस्कृति ऋषि संस्कृति,  गौ संस्कृति एवं देव संस्कृति की रही है।उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में भारत ही एक मात्र ऐसा राष्ट्र है जहां देश को माता कहकर पुकारते  एवं प्यारकरते हैं। इसी का परिचय भारतीय स्वतंत्रता अंदोलन में भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने दिया।भारत का इतिहास जितना गौरवपूर्ण एवं सुन्दर है शायद ही ऐसा किसी राष्ट्र का होगा। इसकेही द्वारा भारतवर्ष में वास्तविक गण व तंत्र वापस हो सकता है। कुलाधिपति ने कहा कि भारत में बढ़ते भ्रष्टाचार, हिंसा, गाँव और शहरों के बीच की बढ़ती खाई के कारण आज वास्तविकगणतंत्र कहीं खो गया है। उन्होंने कहा कि रोल मॉडल के रूप में विकसित हो रहा देसंविवि इस खाई को पाटने के कार्य में जुटा है।

वहीं गायत्री विद्यापीठ परिसर में व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा, श्रीमती यशोदा शर्मा ने तिरंगा फहराया। नौनिहालों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर विकसित राष्ट्र कीझलक दिखलाई। प्रधानाचार्य श्री कैलाश महाजन ने नौनिहालों के समुचित विकास के विविध सूत्रों की जानकारी दी।

गणतंत्र दिवस के मौके पर कुलपति डॉ सुखदेव शर्मा, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव संदीप कुमार, इंजीनियर कालीचरण शर्मा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आयेगणमान्य नागरिक उपस्थित थे।