देसंविवि के एनीमेशन केन्द्र में तीन दिवसीय सेमीनार

यहाँ के विद्यार्थी बना रहे सामाजिक समस्याओं पर लघु फिल्म

जुलाई से प्रारंभ होगा बीएससी एनीमेशन और बीजेएमसी का नया कोर्स

२३ अप्रैल।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के एनीमेशन केन्द्र में तीन दिवसीय सेमीनार का आज समापन हो गया। इस दौरान विद्यार्थियों को एनीमेशन के उपयोग एवं महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गयी। वीएफएक्स एवं एनीमेशन के माध्यम से सामाजिक समस्याओं को लेकर लघु फिल्मों के निर्माण पर चर्चा की गयी। इस अवसर पर फेमस हाउस आफ एनीमेशन मुम्बई के वरिष्ठ प्रतिनिधि दीपक बर्णवाल ने अपने अनुभव साझा किये। साथ ही उन्होंने आधुनिक साफ्टवेयर, प्लगिन्स आदि पर विद्यार्थियों के विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया। श्री बर्णवाल ने वर्तमान में बन रहे विभिन्न फिल्मों में इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर देवसंस्कृति विवि के कुलपति शरद पारधी ने बताया कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के एनीमेशन केन्द्र द्वारा सामाजिक समस्याओं से जुड़ी कई फिल्मों का निर्माण कार्य हुआ है, जिसे इंटरनेट, यू ट्यूब, फेसबुक सहित सोशल नेटवर्क में अपलोड किया गया है। इस दिशा में लोगों से मिल रही प्रतिक्रिया व उत्साह ने एनीमेशन के विद्यार्थियों को एक नई पहचान दी है। उन्होंने बताया कि ट्राफिक के प्रति लोगों को आगाह करता हुआ एनीमेटेड लघु फिल्म पापा धीरेएवं दुर्व्यसन के प्रति जागरुक करता हुआ स्मोकिंग इज डेंजर फार हेल्थसहित कइयों को अब तक कई हजार से ज्यादा लाइक व हिट मिले हैं। वहीं लघु फिल्म जिंदा होने का मूर्दा सबूतके माध्यम से समाज में भ्रष्टाचार व बेईमानी पर जबरस्त कुठाराघात किया गया है, इस फिल्म को किसान से लेकर प्रबुद्ध वर्ग ने खूब सराहा है। कुलपति श्री पारधी ने बताया कि आगामी सत्र से संचार विभाग के विस्तार के क्रम में बीएससी एनीमेशन और बीजेएमसी का कोर्स प्रारंभ किया जा रहा है।

विभाग की कोआर्डिनेटर कावेरी बाली के अनुसार एनीमेशन के विद्यार्थी अब तक १०० से अधिक फिल्मों एवं लघु फिल्मों में काम कर चुके हैं। इस विभाग के छात्रछात्राएँ मुम्बई, बैंगलोर, पुणे के प्रोडक्शन हाऊस में बन रहे फिल्मों के निर्माण कार्यों में जुटे हैं।