विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस में शांतिकुंज ने नि:शुल्क बाँटे पौधे
पौधारोपण से कई समस्याओं का समाधान : शैलदीदी

हरिद्वार, ५ जून।
    विश्व पर्यावरण दिवस पर देवसंस्कृति विवि परिसर में कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हरी शंकरी (पीपल, बरगद व पाकड़) तथा शांतिकुंज के श्रीरामपुरम् में व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा एवं श्री वीरेश्वर उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने कल्पवृक्ष (गोरख चिंचा) के पौधे रोपे।  शांतिकुंज आये प्रत्येक पर्यावरण प्रेमी, शिविरार्थियों, दर्शनार्थियों को नि:शुल्क पौधे बाँटे गये। वहीं शांतिकुंज, श्रीरामपुरम के कोने-कोने में गर्मी से तड़पती चिड़ियों हेतु दाना-पानी के लिए सपोरे लगाये गये।
    अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने बताया कि शांतिकुंज के निर्देशन में पूरे देश में पिछले कई वर्षों से वृक्षारोपण वृहद स्तर पर चलाया जा रहा है। अब तक करीब अस्सी लाख पौधे लगाये जा चुके हैं। इस वर्ष करोड़ की संख्या तक पहुँचनी है। उन्होंने बताया कि देशभर में फैले महिला मंडल, दीया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन), युवा मंडल, प्रज्ञा मंडल के लाखों लोग इस अभियान में जुटे हैं। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि जंगलों का अंधाधुंध कटाई के कारण प्रकृति हमसे रुष्ट है। इसके कारण ही कई तरह की समस्याएँ सामने हैं। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर पौधारोपण कर प्रकृति को हरा-भरा करने से कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।
     रचनात्मक प्रकोष्ठ के प्रभारी केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि वृक्षगंगा अभियान के अंतर्गत म.प्र., उत्तराखण्ड, बिहार आदि प्रांतों के  ४० निर्जन पहाड़ियों को हरा भरा किया है। इन पहाड़ियों में लगे पौधे १० से १५ फीट ऊँचे तक हो गये हैं। दी।  उन्होंने बताया कि आज जहाँ ग्लोबल वार्मिंग के चर्चे सभी ओर हो रहे है, इसके लिए विभिन्न संगठन पर्यावरण के संतुलन के लिए कार्य कर रहा है, वहीं शांतिकुंज इस निमित्त वृक्ष गंगा अभियान के तहत पूरे देश में जन जागरण चला रहा है।
    उद्यान विभाग के प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर आज शांतिकुंज आने-जाने वाले प्रत्येक पर्यावरण प्रेमी, शिविरार्थियों, दर्शनार्थियों को नि:शुल्क पौधे बाँटे गये। इसमें आँवला, बेल, बहेड़ा, हरड़, कचनार, अमलतास आदि फलदार व छायादार पौधे हैं। उन्होंने बताया कि पौधे लेने वाले लोगों से इन्हें बड़े होने तक ट्री गार्ड लगाकर उसे सुरक्षित रखने हेतु अपील की गयी। उन्नाव से अपने पिता के साथ गायत्री तीर्थ आये १० वर्षीय रोहित ने बताया कि आज मेरा जन्म दिन है और इस अवसर पर पौध का प्रसाद मिलना गौरव की बात है, इसकी पूरे तन, मन से सेवा करूँगा।