वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन

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प्रकृति की गोद में बसा आधुनिक गुरुकुल परिसर

गंगा की गोद, हिमालय की छाया में बसा देसंविवि, प्राकृतिक सुरम्यता और दिव्य वातावरण का एक ऐसा विरल संगम है, जहां शिक्षा के साथ विद्या के अनुपम प्रयोग चल रहे...

आध्यात्मिकता से ओतप्रोत दिनचर्या

देव संस्कृति विश्वविद्यालय की विशेषताओं में से एक है यहां के छात्रावास। छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु समर्पित यहां के ५ छात्रावास सभी प्रकार की...

भारत को एकता के सूत्र में पिरोता देव संस्कृति विश्वविद्यालय

डीएसवीवी में मिलती है मिनी इंडिया की झलक, विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं २2 से अधिक राज्यों के लगभग ८२२ विद्यार्थी देसंविवि, हरिद्वार :  28 राज्य, 1618...

राष्ट्र निर्माण की संदेश जन-जन तक पहुंचाती इंटर्नशिप

देसंविवि, हरिद्वार : देव संस्कृति विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से इंटर्नशिप कार्यक्रम जुलाई २००३ से सफलता पूर्वक संचालित...

यहां पर श्रमदान ही यज्ञ है

देसंविवि, हरिद्वार : सामान्य परिस्थिति में लोग दान शब्द का एक ही अर्थ निकालते है,  दूसरों को कोई वस्तु या धन देना। परन्तु गायत्री परिवार के संस्थापक और...

वेस्ट का बेस्ट उपयोग, कागज उद्योग

दुनियाभर में पिछले 40 वर्षों में कागज की खपत 400 फीसदी बढ़ी है, इस दौरान काटे गए पेड़ों का 35 प्रतिशत हिस्सा इतना कागज बनाने में लग गया। कागज के बढ़ती मांग को...

गांवों में जाकर रचनात्मकता की इबारत लिखते युवा

देसंविवि, हरिद्वार : उड़ान केवल पंखों से नहीं होती बल्कि इसके लिए हौसलों की जरूरत होती है। कुछ ऐसा ही कर गुजरने की तमन्ना लिए हौसलों के जरिए रचनात्मकता...

स्वावलंबन के द्वार खोलता ग्राम प्रबंधन विभाग

देसंविवि, हरिद्वार : स्वावलंबी युवा एवं सम्पन्न राष्ट्र के सिद्धांत को आधार बनाकर ग्राम प्रबन्धन विभाग लोगों को स्वालंबन की राह चला रहा है। देश भर में...

फिर से लौट रहे हैं खादी के दिन

देसंविवि, हरिद्वार : स्वावलम्बन को ध्यान में रखते हुए। देव संस्कृति विश्वविद्यालय ने खादी ग्राम उद्योग स्वावलम्बन प्रशिक्षण केन्द्र की शुरूआत की।...