जर्मनी और पोलैण्ड के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान से देसंविवि का संबंध-हरिद्वार 21 नवम्बर।
            देवसंस्कृति विश्वविद्यालय तथा जर्मनी व पोलैण्ड प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के बीच एमओयू साइन हुआ है। इन दिनों देव संस्कृति विवि के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या जर्मनी प्रवास पर हैं, उनकी उपस्थिति में यह एमओयू साइन किये गये हैं।
डॉ. पण्ड्या से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि पहला एमओयू यूरोपियन कॉलेज ऑफ योग एण्ड सायकोथैरेपी, जेहलेनबर्ग से हुए। यह योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने वाली जर्मनी की सबसे बड़ी शैक्षणिक संस्था है। डॉ. पण्ड्या ने यहाँ फण्डामेण्टल्स ऑफ योग विषय पर उद्बोधन देकर अपने विश्वविद्यालय के प्रति शिक्षक-विद्यार्थी सभी का ध्यानाकर्षित किया।
उन्होंने बताया कि दूसरा समझौता पोलैण्ड की सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थान काज़ीमर्जी वेल्की विश्वविद्यालय (Kazimeierz Weilki University) के साथ हुआ। इस विश्वविद्यालय में 50 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। डॉ. चिन्मय की वहाँ के कुलपति प्रो. स्लावोमिर और निदेशक इंटरनेशनल रिलेशन से कई विषयों में महत्त्वपूर्ण चर्चा हुई। विश्वविद्यालय के कोपरनिकस सेंटर फॉर एप्लाइड साइंस और मैरी क्यूरी कैंसर सेंटर के रूप में बड़े महत्त्वपूर्ण केन्द्र और विख्यात केन्द्र हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के सहयोग से इन क्षेत्रों में शोधकार्य के नये आयाम विकसित होंगे, ऐसा विश्वास शिक्षाविदों द्वारा व्यक्त किया गया। पोलैण्ड के रेक्टर तथा दो और कुलपतियों के बीच हुई वार्ता में सहमति के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई तथा एमओयू साइन किये गये।
            जर्मनी के योग एवं मनोचिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे यूरोपियन कॉलेज बॢलन के साथ एमओयू साइन हुआ है। जर्मनी में इस विषय को पाठ्यक्रम के रूप में अपनाने वाली यह सबसे बड़ी शैक्षणिक संस्था है। संस्थान में डॉ. चिन्मय का उद्बोधन भी हुआ, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को भारतीय संस्कृति को जानने, समझने के लिए अपने विश्वविद्यालय में आने और भारतीय संस्कृति के व्यावहारिक स्वरूप का अध्ययन करने का आमंत्रण दिया। इसके साथ ही डॉ. चिन्मय पण्ड्या के 20 दिवसीय विदेश प्रवास के दौरान आठ संस्थानों से एमओयू साइन हुए। प्रतिकुलपति की जिम्मेदारी संभालने के बाद जर्मनी, लंदन, पोलैण्ड आदि देशों की यात्रा को सफल प्रवासों में से एक है।