Cleanliness Campaign followed on Two Hundred beaches of River Ganga

गंगा के तटों में चलाया वृहद सफाई अभियान
गायत्री परिवार के पांच हजार से अधिक कार्यकर्त्ता भाई-बहिनों ने बहाया पसीना
देसंविवि परिवार ने भी किया श्रमदान

हरिद्वार १८ अक्टूबर। अखिल विश्व गायत्री परिवार ने निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत रविवार को गंगोत्री से गंगासागर तक के गंगा के दो सौ तटों में एक साथ सफाई अभियान चलाकर एक नया इतिहास रचा। उत्तराखंड के कोटी कालोनी, नई टिहरी, देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार से लेकर उप्र के कानपुर, वाराणसी के सुप्रसिद्ध अस्सीघाट, सुबह ए बनारस, इलाहाबाद में नैनीघाट, झुसीघाट, फाफामऊ, बिहार के पटना, आरा, बक्सर, मोकामा तथा झारखंड के साहेबगंज के दो सौ तटों पर गायत्री परिवार के हजारों कार्यकत्ताओं ने पसीना बहाया। वहीं गायत्री परिवार अपनी गंगा सफाई अभियान के अंतर्गत आज प्रातः से ठोकर नं १ से १७ तक गंगा एवं तटों की वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान लोगों ने जमकर पसीना बहाया।
गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या ने इस वृहद सफाई अभियान की शुरुआत हरिद्वार के सप्तसरोवर स्थित पाण्डवघाट पहुंच कर की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार अपने दीर्घकालीन योजना के तहत गंगोत्री से गंगासागर तक की सफाई का कार्य कर रहा है। माँ गंगा को हरी चुनर चढ़ाकर उन्हें प्रदूषण मुक्त करने का अभिनव प्रयोग किया जा रहा है। इस हेतु गंगोत्री से गंगासागर तक को पांच अंचलों में बाँट कर कार्य किया जा रहा है। अभी तक इस अभियान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं। चौथे चरण के अंतर्गत गंगा के तटीय स्थानों के दोनों छोरों में पांच सौ साइकिल टोलियाँ निकाली जा रही हैं जो पांचों अंचलों में कार्य करेंगी।
देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय के नेतृत्व में विवि के ५०० से अधिक विद्यार्थियों ने ठोकर क्र० १६ व १७ में सफाई अभियान चलाया। इन युवाओं ने पढ़ाई के अतिरिक्त सेवा सफाई के लिए गंगा के तट पर पहुंचे थे। प्रियंका, विक्रम, राहुल, गौरव आदि युवाओं ने गंगा के तट में फंसे कूड़ों को ऐसे चुन रहे थे कि मानो वे कोई कीमती सामान हो। चेतना, प्रज्ञा, शुभम, दीपक की एक दूसरी टीम कूड़े को तशला आदि में भर कर तटबंध तक पहुचाने में जी तोड मेहनत की। यहाँ शांतिकुंज व्यवस्था की ओर से लगाई गयी ट्रेक्टरों में स्नेह, कविता, विवेक आदि छात्र-छात्राओं ने डाला जिसे निर्धारित स्थान पर लेकर खाली किये गये। इस अभियान में देसंविवि के एनएसएस के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। वहीं ठोकर नं १ से १५ तक की सफाई अभियान का जिम्मा शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्ता भाई-बहिन, विभिन्न प्रशिक्षण सत्र एवं नवरात्र साधना करने आये साधकों के साथ मिलकर उठाये। ५ साल के आदित्य से लेकर ८५ के बुजुर्ग युवा तक ने गंगा में फंसे कूड़े-करकट, गंदे कपड़े आदि तथा तटों के झाड़-झंखाड़ को खुरफी, दराती, फरसा, फावडा आदि से काटने में जी-तोड मेहनत की। तो वहीं युवाओं ने इस कटे हुए झाड़ियों को ट्रेक्टर में डाले, जिसे निर्धारित स्थान पर डाला।
सफाई का अभियान का कार्य देख रहे केदार प्रसाद दुबे ने बताया आज के इस सफाई अभियान में देसंविवि के विद्यार्थी-स्टाफ, शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्ता भाई-बहिन एवं गायत्री तीर्थ में चल रहे विभिन्न शिविरों के प्रशिक्षणार्थी, साधक नर-नारी शामिल रहे। मानव शृंखला बनाकर भागीरथी के तट से कूड़े-करकट को बाहर निकाल कर ट्रेक्टर ट्राली में डाले। उन्होंने बताया कि इस दौरान कई टन कचरा निकाले गये। इलाहाबाद से आये पूर्व न्यायाधीश श्रीभगवान सिंह ने कहा कि हम लोग संस्कार कराने शांतिकुंज आये हैं। गंगा मैया की पवित्रता को बनाये रखने के लिए गायत्री परिवार ने अनुकरणीय पहल की है। इसमें शामिल होकर बहुत ही अच्छा लग रहा है। इस अवसर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा, कालीचरण शर्मा, विष्णु भाई पण्ड्या, विष्णु मित्
तल, सदानंद अम्बेकर, मनीष, आशीष, देसंविवि के एनएसएस समन्वयक डॉ अरुणेश पाराशर सहित अन्य कार्यक्रम अधिकारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।