देसंविवि में केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय के संयुक्त प्रयास से हुई कार्यशाला

उत्तरदक्षिण की दूरी कम करने के लिए हिन्दी भाषा सहायक : प्रो शेषारत्नम

14 मार्च

आंध्रप्रदेश विवि की प्रो० एस शेषारत्नम ने कहा कि हिन्दी भावों की भाषा है। हालांकि हिन्दी के अंतर्गत उपभाषा, १५०० से अधिक बोलियां तथा १८ उपबोलियाँ हैं। हिन्दी उत्तर दक्षिण की दूरी को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

वे केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, नई दिल्ली के निर्देशन में हिन्दी व्याख्यामान माला के अंतर्गत देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कमेटी हॉल में आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध विद्वान वेमना एवं उत्तर भारत के संत कबीर दोनों के भावों लगभग समान हैं। संत कबीर ने उत्तर भारत में तो वहीं विद्वान वेमना ने दक्षिण भारत भक्ति योग के माध्यम से ही पूरे भारत को एक सूत्र पिरोने का कार्य किया। प्रो० योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि हिन्दी के पद्य लेखन पर जोर देते हुए कहा कि कवि वह है जो हृदय की गहराई में अपने विचारों को रोप देता है। दोनों ने देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या से भेंट कर हिन्दी भाषा को दक्षिण भारत में फैलाने की अपिल की, जिसे डॉ पण्ड्या ने अपनी सहमति प्रदान की है।

इस अवसर पर देसंविवि के भाषा विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो चतुर्वेदी, डॉ नरेन्द्र सिंह, डॉ सुखनंदन सिंह आदि ने भी हिन्दी भाषा एवं साहित्य पर अपनेअपने विचार प्रकट किये। इस मौके पर भाषा विज्ञान, पत्रकारिता के विद्यार्थी सहित विवि के आचार्यआचार्या उपस्थित थीं।