Internship begins, 350 students to cover 12 states
देव संस्कृति का जीवंत माडल बनें-डा.प्रणव पण्डया
देव संस्कृति के 350 विधार्थी इंटर्नशिप के लिए देश के 12 राज्यों में जाएंगे
हरिद्वार, 26 मर्इ। देव संस्कृति विश्वविधालय के कुलाधिपति डा.प्रणव पण्डया ने कहा कि इंटर्नशिप के तहत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए जाने वाले विधार्थी देसंविवि के जीवंत माडल बने। वे यहां के सच्चे दूत हैं। संस्कृति के वाहक हैं। माता-पिता और गुरु के संरक्षण से निकल कर अपनी आंतरिक क्षमताओं और प्रतिभा को परखें और निखारें। इस सुअवसर का पूरा लाभ उठाएं और लाइट हाउस बनकर विश्व मानवता को प्रकाशित करें।
डा. पण्डया शनिवार को आयोजित आशीर्वचन समारोह में इंटर्नशिप में जाने वाले विधार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक ज्ञान के बिना सैद्धानितक ज्ञान अपूर्ण है। जीवन का उददेश्य एक अच्छा और सफल इंसान बनना है। देसंविवि के कुलपिता पं.श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन आदर्शों का अनुकरण कर अपने जीवन लक्ष्य के उच्चतर शिखर को छुएं। इंटर्नशिप प्रखर तपश्यचर्या है। इंटर्नशिप के पश्चात दृढ़ आत्मविश्वास, स्वावलंबन और साहस जैसी प्रवृतियों का विकास होता है, जो सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव बनती है। उन्होंने विधार्थियों को व्यकितत्व विकास के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। अखिल विश्व गायत्री परिवार की संरक्षिका शैलबाला पण्डया ने छात्र-छात्राओं को देव संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा पहनने, आचार और व्यवहार करने की प्रेरणा दी।
इससे पूर्व देसंविवि के रजिस्ट्रार संदीप कुमार ने कहा कि इंटर्नशिप नर्इ दिशा की ओर उठता हुआ एक कदम है, जो निरंतर बढ़ता हुआ जीवन में आने वाली कर्इ चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने की कला सिखाएगा। जिंदगी का लक्ष्य जिंदगी ही है, अन्य लक्ष्य निर्धारित करने पर सिर्फ भटकाव मिलेगा। जिंदगी का एकमात्र लक्ष्य निरंतर विकास करना है। विकसित होते रहो। दुनिया में शकित का ही खेल है। सदगुणों का सही उपयोग शकित के समायोजन से ही संभव है। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए दूसरों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यहां प्राप्त शिक्षा और विधा का वास्तविक स्वरूप समाज के सामने प्रस्तुत करें। तीन दिवसीय इंटर्नशिप प्रशिक्षण सत्र के दौरान विधार्थियों को विषय विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक अध्यात्मवाद, समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन व यज्ञोपैथी, पंचकर्म चिकित्सा, मीडिया प्रबंधन, कैरियर-प्लेसमेंट मैनेजमेंट, जीवन प्रबंधन, व्यकितत्व विकास, वेब मैनेजमेंट आदि विषयों पर व्याख्यान दिए।
इंटर्नशिप प्रशिक्षण सत्र के समन्वयक डा. नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राएं पं.बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा आदि सहित 12 राज्यों में जाएंगे। इंटर्नशिप की प्रकि्रया दो रूपों में होती है, एक सोशल इंटर्नशिप और दूसरी प्रोफेशनल। यह एक मासीय सोशल इंटर्नशिप है। इसके पश्चात ही प्लेसमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी।
