09  जून।  अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ0प्रणव पण्ड्या ने कैम्ब्रिज एवं ऑक्सफोर्ड में होने वाले संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से विश्वशांति माड्यूल संरचना के लिए प्रतिकुलपति डॉ0चिन्मय पण्ड्या को इंग्लैंड के अनुभव के आधार पर भेजा।  प्रथम दिन कैम्ब्रिज फैकल्टी ऑफ डिविनिटी के प्रमुख एवं रेजीज़ प्रोफेसर डेविड फोर्ड, फैकल्टी ऑफ डिविनिटी एवं रीलिजियस स्टडीज़ के प्रमुख प्रो0पीटर ओच्स, नोबल शांति पुरस्कार विजेता जेरी व्हाइट के साथ दो मुद्दों पर विशेष बातचीत हुई। प्रथम जीसीआर(ग्लोबल कंवीनेन्ट ऑफ रीलिजन)- इसके अन्तर्गत विश्व शांति के लिए ऐसा पाठ्यक्रम दुनियॉं को देना है जिसमें अब्राहिमक एवं बिना अब्राहिमिक पर परा के साथ थ्योलाजियन तथ्यों, भारतीय ग्रन्थों, विश्वशांति के शाश्वत विचारों एवं ज्ञान का समावेश हो। इस पाठ्यक्रम को संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से स पूर्ण विश्व के लिए अनूठा माड्यूल के रूप में बनाया जायेगा एवं उसे अपनाने के लिए बाध्य किया जायेगा। इस विधा को विकसित करने में कैम्ब्रिज कोएक्जिस्ट फाउन्डेशन, वान हेगेल इंस्टीट्यूट एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय-शांतिकुञ्ज के प्रतिनिधित्व में परम पूज्य गुरूदेव पं0श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों की महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक भूमिका होगी। द्वितीय इन्टरफैथ वार्तालाप  के लिए नेटवर्क के लिए नेटवर्क स्थापित करना- इसके अन्तर्गत विभिन्न धर्म-स प्रदायों के बीच विश्वशांति के लिए आपस में वार्तालाप का क्रम हो। जिससे आपसी तनाव मिटे।
अगले चरण में डायरेक्टर ऑफ एनालिटिक्स एवं  एड मार्कोस, यूनाईटेड नेशन एवं केआरआई के प्रमुख एबी धबी, अल-अलमा सेंटर  के डायरेक्टर डाउ लियोनार्ड, डॉ0एस नाईडर-यूनाईटेड नेशन मूवमेंट रीलिजन फॉर पीस-यूरोप एवं एशिया के प्रमुख के साथ विशिष्ट वार्तालाप हुई। इसके साथ मोलर इंस्टीट्यूट चर्चिल कॉलेज के सीईओ डॉ0जी0सेक्रेट के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ शैक्षणिक करार करने के  लिए सहमत हुए। उल्लेखनीय है कि वैज्ञानिक शोध एवं विशिष्ट निष्कर्षों के लिए मोलर की पूरे विश्व में पहचान है एवं चर्चिल , गोर्डोन ब्राउन, जान मेजर, स्टीफन हाकिन्स यहीं से निकले हैं।
ट्रिनिटि कॉलेज- कैम्ब्रिज के पेनलिस्ट में सम्मिलित हुए-डॉ0चिन्मय पण्ड्या-  ट्रिनिटि कॉलेज – कैम्ब्रिज के प्रमुख प्रोफेसर फोर्ड ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति को भविष्य में होने वाले ग्लोबल इन्टरफैथ  सेमिनार के लिए क्ख्0 स्कॉलर पेनलिस्ट में शामिल किया। क्ख्0 स्कॉलरों में विश्व प्रसिद्घ विद्वान सम्मिलित हैं। जिसमें सर बर्नार्ड रिक, सर केनेथ रोज़र, सर मार्टिन रीज़(एस्ट्रॉनामर जनरल), बारोनिज़ बेरिज(प्रमुख कंजरवेटिव पार्टी वूमेन विंग), बैरोनेस वार्सी, कमलेश शर्मा(एजसी, कॉमनवेल्थ), सर जॉन वुड(इन्होनें कॉमनवेल्थ देशों में मूल्य आधारित शिक्षा विकसित करने के लिए दे0सं0वि0वि0 का सहयोग माँगा है), डॉ0बार्बरा वालसे(प्रमुख, ग्लेनट्री), ज्योरगेट बेनेट(फाउन्डर प्रेसिडेंट-टाटेनबूम फाउन्डेशन),  सैयद रज़ावी(यूरोपियन यूनियन फार मुस्लिम एज्यूकेशन), फ्रान्सिस के पबेल(सेंट मेरि यूनि के वाइस चांसलर एवं होली सी-पाकिस्तान के पूर्व राजदूत) जैसे विशिष्ट जन सम्मिलित हैं। इस मीटिंग को बीबीसी सहित नेशन टेलिविजन चैनल में भी प्रसारित किया गया।
इस प्रवास की चार महत्वपूर्ण फलश्रुतियाँ प्राप्त हुईं-

*  कैम्ब्रिज को एक्जिस्ट फाउन्डेशन एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित।  कुलाधिपति के आदेश से अगले (ग्लोबल कंवीनेन्ट ऑफ रीलिजन) स मेलन का आयोजन देव संस्कृति विश्वविद्यालय, भारत में करने हेतु सहमति।

* कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी-मोलर के साथ करार। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी सीधे करार नहीं करती किन्तु पहले रिव्यू के लिए टीम भेजती है।

* सर जॉनवुड-सेक्रेटरी जनरल  कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी से मूल्यपरक शिक्षा नीति बनाने हेतु सकारात्मक विशिष्ट वार्तालाप ।

* सैयद रिजवी (एडवाइजर -यूरोपियन यूनियन फार मुस्लिम एज्यूकेशन) से विशिष्ट वार्तालाप। इनके पीएचडी का विषय एब्रेअरबी एवं आदिगुरुशंकराचार्य के शब्दों में समानता है। भारतीय ग्रन्थों का काफी अध्ययन किया है। इनका लाभ देव संस्कृति विश्वविद्यालय को कुलाधिपति जी के निर्देश पर कभी भी मिल सकता है।