इटली में पढ़या जाएगा वेदमूर्ति आचार्य श्रीराम का साहित्य
देव संस्कृति विश्वविद्यालय व अकादमी ऑफ इण्डियन ट्रेडिशनल साइन्सेज इटली के सेन्ट्रो स्टडी भक्ति-वेदान्ता (सीएसबी) के बीच एमओयू करार किया गया । एमओयू के तहत दोनों शिक्षा संस्थान अपनी-अपनी उत्कृष्ट शिक्षा पद्धतियों का आदान प्रदान करेंगे ।साथ ही दोनों संस्थानों के आचार्य एवं विद्यार्थीगण की सेवाओं का आदान प्रदान किया जाना भी निर्धारित किया गया है । माननीय कुलाधिपति की उपस्थिति में देस़ंविवि की ओर से कुलपति डॉ० एस.पी मिश्र एवं सीएसबी की ओर से संस्था के प्रोफेसर मार्को फेरीनी ने सहमत-पत्र पर हस्ताक्षर किए । इसके तहत दोनों शिक्षण संस्थानों के बीच भारतीय दर्शन, शिक्षा, शिक्षण, तकनीक, शोध एंव चिकित्सा क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग करने का निर्णय लिया गया है । प्रो० फेरेनी ने कहा कि, दोनों देशों की शिक्षण तकनीकों एवं मानवीय मूल्यों में कई समानताएँ हैं । सफेद धोती-कुर्ता व कन्धे पर अंगरखा पहने प्रो० फेरेनी ने भारत को सन्तों-महापुरुषों का देश बताया । उन्होंने कहा कि इटली में भी कई प्रख्यात तपस्वी सन्त और दार्शनिक हुए हैं । दोनों की संस्कृति समान है, इटली में रामायण व महाभारत खासे प्रचलित हैं । इटैलियन दल ने १९२६ से निरन्तर प्रज्ज्वलित अखण्ड दीप के दर्शन किए । वे २० वर्षों तक आचार्यश्री की तपस्थली रहे उनके साधना कक्ष में भी गए । दल ने साधना कक्ष को दिव्य और अत्याधिक ऊर्जावान बताया ।