National Judo Championship 2014

Day 1: Senior National Judo Championship 2014-15 @DSVV
शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए महत्त्वपूर्ण जूडो : डॉ प्रणव पण्ड्या |
देसंविवि में सीनियर राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशीप का हुआ आगाज |
शहर के पाँच गणमान्य हुए ‘उत्तराखंड रत्न’ से सम्मानित
हरिद्वार १८ दिसम्बर।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मृत्युजंय सभागार में बैंड की सुमधुर स्वर-लहरियों के साथ उत्तराखंड में पहली बार हो रहे सीनियर राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप का आगाज हुआ। भारतीय जूडो महासंघ, जूडो एशोसिएशन आफ उत्तराखंड एवं देसंविवि के संयुक्त तत्त्वावधान में हो रहे इस चैम्पियनशिप के उद्घाटन सत्र में जूडो के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के अलावा देश के २८ राज्यों एवं ६ विभिन्न विभागों की टीम के सदस्य, कोच व अभिभावक उपस्थित रहे तो वहीं जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनेक पदाधिकारी उद्घाटन सत्र के गवाह बने।
इस अवसर पर उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष व देसंविवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जूडो एक साहसिक खेल है। इसमें सफलता पाने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ साथ मानसिक दृढ़ता का होना अति आवश्यक है। उन्होंने देशभर की बहिनों को भी जूडो सीखने की सलाह देते हुए कहा कि यदि नारियां जूडो सीखती हैं, तो कई प्रकार की समस्याओं का समाधान खूद कर सकेंगी। जूडो के विभिन्न घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि जूडो शारीरिक विकास के साथ साथ मानसिक दृढ़ता लाने के लिए भी सहायक खेल है। इसके अलावा गायत्री परिवार प्रमुख डॉ पण्ड्या ने हाल ही में पाकिस्तान के पेशावर में स्थित आर्मी स्कूल में तालिबानी आतंकियों द्वारा हुए बालसंहार पर शोक व चिन्ता प्रकट करते हुए बच्चों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
मुख्य अतिथि श्री श्याम जाजू ने कहा कि सफलता के लिए जोखिम उठाना ही पड़ता है। खेल भी एक तरह से जोखिमों से भरा होता है। श्री श्याम ने इस विषय पर अपने जीवन के कड़वे-मीठे अनुभवों को भी साझा किया। श्री जाजू ने स्वतंत्रता संग्राम के दिनों को याद करते हुए कहा कि समाज के अग्रिम पंक्तियों के लोगों द्वारा उठाये गये जोखिम-साहस से ही देश स्वतंत्र हो पाया है।