Haridwar 29 April | The youth of today if given a positive direction could become a good volunteer and a citizen. This was the conclusion of the 7 days orientation training programme which was conducted by the National Service Scheme of Dev Sanskriti Viswavidalaya from 24th-29th April,2012. This training was conducted by Kumaon University and there were 40 programme officers and
coordinators who participated in the training. The programme was inaugurated on 24th April in the presence of Vice Chancellor Dr. Sukhdev Sharma, Registrar Sandeep Kumar, Dr A.S Uniyal , State Liasioning officer NSS, Dr. Atul Joshi Coordinator Kumaoun Univ, Dr. K.S Tyagi , Dist Coordinator NSS .
Dr Sukhdev Sharma, in his inaugural Address said that Pt. Shriram Sharma has given a model of living a happy, healthy, and holistic approach to life and if the youth of today incorporates it in his life he could give solutions of the today’s problems.
Sandeep Kumar focused on the ‘sapt kranti Abhiyan’ given by Shantikunj which could be helpful for the teachers to inculcate values in the students.
State Liasioning Officer Dr. A.S Uniyal focused on the personality of the youth and pleaded the youth to adopt a village for the participation in the development of the country. Village is the only hub left where still the values and culture is preserved.
The seven days training included various topics like Leadership development, Youth management, making of report, record, documentation and publication, environment focusing on cleaning of river Ganges, blood donation etc .As a part of the training the programme officers
were involved in the activity of ‘shram dan’ ie cleaning the campus and plantations.
The training was appreciated by the Cabinet minister Mr. Mantri Prasad Nathani who is looking after state Educatiion , Agriculture And Drinking Water Dept. He was very impressed by the efforts of Shantikunj and Dev Sanskriti Vishwavidalaya in the field of Social Service and Youth
empowerment.
At last but not the least the valedictory got its strength from the vibrant words of the Pro-Vice Chancellor Dr. Chinmay Pandaya who is focused on channelizing the positive energy of the youth by inculcating the values laid down by Pt. Shri Ram Sharma Acharya, emphasized that Service, Self control, and humanity are the three traits which helps a man bring excellence in its
life. Student in their training phase if inculcate these values they would live a life with a quality of selfless service to mankind. The session ended with the slide show on ‘mankind’ presented by the chief guest Dr. V.S Arora ,Vice Chancellor Kumaoun University.
The Organisors Dr, Arunesh Parashar Coordinator NSS, Dev Sanskriti Vishwavidalaya , Ms Monika Pandey and Ms Era Singh were congratulated for successfully conducting the programme.

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों के उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

राष्ट्रीय सेवा का मशाल बनने को संकल्पित एनएसएस

सम्पन्न, स्वस्थ और प्रदूशण मुक्त राश्ट्र बनाने का लिया संकल्प

हरिद्वार, 29 अप्रैल। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में रविवार का दिन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों के लिए अभूतपूर्व और अविस्मरणीय पलों को समाहित किए हुए था। उन्हें छह दिवसीय उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्र की सेवा करने के लिए नूतन सोच और नई दिशा जो मिल गई थी। उत्साह से लबरेज सभी कार्यक्रम अधिकारियों ने खुद मशाल बनकर अनेक मशाल जलाने का संकल्प लिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वीपीएस अरोरा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का सबसे बड़ा दायित्व युवाओं को सही दिशा देना है। यही एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारियों की सच्ची राश्ट्रीय सेवा है। आदर्श शिक्षक बनना ही उस शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा का अर्थ स्पश्ट करते हुए कहा कि एनएसएस राष्ट्र का ऐसा वातावरण बनाएं, जिसमें हर भारतीय खुद को भारतीय कहने पर गर्व महसूस करे। एनएसएस युवा शक्ति को सही दिशा देकर देश को सम्पन्न, स्वस्थ और प्रदूशण मुक्त बनाएं। डॉ. अरोरा ने मानवता के प्रमुख सूत्रों को स्लाइड शो के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष देसंविवि के कुलपति डॉ. सुखदेव शर्मा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अंदर असीम संभावनाओं का बीज मौजूद है। दिव्य वातावरण में वह बीज अंकुरित, पुश्पित और विकसित हो अपने सत्कर्मों की सुगंध चहूंओर फैला देता है। देसंविवि की पहचान है दिव्य वातावरण। आचार्य पं. श्रीराम शर्मा के अनुसार अपनी आत्मीयता का विस्तार करना ही आध्यात्मिकता है। यही शिक्षा और संदेश एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी लेकर जाएं और मशाल बनकर अनेक मशाल जलाएं।
विशिष्ट अतिथि देसंविवि के प्रति कुलपति डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने प्रेरणास्पद कहानी के माध्यम से प्रतिभागियों को इंसानियत अपनाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सही समय पर किया गया सत्संकल्प प्रबल पुरूषार्थ का संबल पाकर उस व्यक्ति को महामानव में परिवर्तित कर देता है। इसी ने बुद्ध, बिल्वमंगल, तुलसीदास जैसे कई साधारण मनुश्यों के जीवन में कायाकल्प कर उन्हें असाधारण बना दिया। अवसर की कीमत समझें। यही दक्षता का उद्घोश है। सेवा, संयम और इंसानियत की भावना हमें औरों से अलग करती है। देशभर में फैले 33 लाख एनएसएस के वॉलंटियर्स यदि चिंगारी बन जाएं तो एक नई क्रांति जन्म ले सकती है।
राज्य संपर्क अधिकारी आनंद सिंह उनियाल ने कहा कि राज्य की समस्याओं का समाधान एनएसएस के माध्यम से करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने एनएसएस की भावी योजनाओं को रेखांकित किया। आयोजन सचिव डॉ. अतुल जोषी ने छह दिवसीय पकार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवल से हुई। ऋषि संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों को देसंविवि का स्मृति चिंह्न, आचार्यश्री का साहित्य भेंटकर और गायत्री मंत्र की चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन देसंविवि के अरूणेष पाराषर ने किया।