21-27 दिसंबर 2015

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में चीन से एक विशिष्ट प्रतिनिधि मंडल का आगमन हुआ | भारतीय संस्कृति , योग एवं संस्कृति पर आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभाग हेतु इस दल ने भारत में देव संस्कृति विश्वविद्यालय को अपने शिक्षण केंद्र के रूप में चयनित किया | योग के क्षेत्र में अपने शैक्षणिक कार्यक्रम एवं शिक्षण पद्धति के लिए विश्व में अपनी एक विशिष्ट साख बना रहा देव संस्कृति विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है | “योग एवं भारतीय संस्कृति” के नाम से आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चीन से पधारे विशिष्ट प्रतिनिधि मंडल को विषय के विविध आयामों से परिचित कराना था | सात दिवसीय इस कार्यशाला में योग ,ध्यान , यज्ञ, अध्यात्म , संस्कृति विषयों पर प्रायोगिक एवं सैधांतिक रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रवक्ताओं के माध्यम से इस दल ने मार्गदर्शन प्राप्त किया | इस कार्यशाला के दौरान उत्साह के साथ प्रतिनिधि मंडल ने दैनिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया | प्रातः जागरण , योग , यज्ञ के साथ दिन का आरम्भ कर सैधांतिक सत्रों में विविध विषयों पर ज्ञान वर्धन किया | सात्विक आहार एवं प्राकृतिक विहार ने दल के सभी सदस्यों को नयी उर्जा से परिपूर्ण कर दिया | महाकाल प्रांगण में सायंकालीन नाद योग एवं एक्यूप्रेशर पार्क (श्री राम स्मृति उपवन) में भ्रमण दल के समस्त सदस्यों के लिए एक विशेष अनुभव रहा | कार्यशाला के आरम्भ में प्रतिकुलपति महोदय द्वारा गायत्री परिवार एवं विश्वविद्यालय के दर्शन, लक्ष्य एवं उद्देश्यों से दल के सदस्यों को परिचित कराया | कार्यशाला के दौरान वैज्ञानिक आध्यात्मवाद, मानव उत्कर्ष की कला विषयों पर स्वयं प्रतिकुलपति महोदय ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया | प्रज्ञा योग, हिंदी संवाद , संस्कृत एवं वेद के आधारभूत तत्वों का परिचय कराती इस कार्यशाला ने अन्तराष्ट्रीय मानकों पर शिक्षण करने के देव संस्कृति विश्वविद्यालय के अनुभव में एक नया अंक जोड़ा एवं साथ ही चीन से पधारे समस्त सदस्यों को पारिवारिक वातावरण में यादगार अवसार प्रदान किया | भविष्य में दल के सभी सदस्यों ने बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय पधारने की मंशा जाहिर की |